Step 1: जब प्रोग्राम किसी शर्त (Condition) के अनुसार अलग-अलग कोड ब्लॉक चलाता है, तो उसे ब्रांचिंग कहते हैं।
Step 2: ब्रांचिंग से निर्णय लेने की क्षमता आती है और प्रोग्राम लचीला बनता है।
Step 3:ब्रांचिंग के कंट्रोल स्टेटमेंट: if
if--else
else--if ladder
switch