अपनी बात चटपट कहो और अपनी राह लो। (रचना की दृष्टि से वाक्य-भेद लिखिए!)
वाक्य: अपनी बात चटपट कहो और अपनी राह लो।
रचना की दृष्टि से वाक्य-भेद:
यह एक संयुक्त वाक्य है क्योंकि इसमें दो स्वतंत्र वाक्यांश ‘अपनी बात चटपट कहो’ और ‘अपनी राह लो’ को ‘और’ संयोजक शब्द द्वारा जोड़ा गया है।
प्रत्येक वाक्यांश अपने आप में पूर्ण अर्थ रखता है, परंतु दोनों को जोड़कर यह वाक्य अधिक प्रभावशाली और सार्थक बन जाता है।
संयुक्त वाक्य का प्रयोग अभिव्यक्ति को संक्षिप्त और सुगम बनाने के लिए किया जाता है, जिससे विचारों को सरलता से प्रस्तुत किया जा सके।
‘चेखव सारे संसार के चहेते लेखक माने जाते हैं।’ – संयुक्त वाक्य में रूपांतरित कीजिए।
मैं तुमसे हमेशा पाँच साल बड़ा रहूँगा। (संयुक्त वाक्य में बदलिए!)
जैसे ही हेनरी सातवें की जगह आठवाँ लिखा वैसे ही सब नंबर गायब ! (रचना की दृष्टि से वाक्य-भेद लिखिए!)
मेरे दरजे में आओगे, तो दाँतों पसीना आ जाएगा। (सरल वाक्य में रूपांतरित कीजिए!)
सफल खिलाड़ी का कोई निशाना खाली जाता। (मिश्र वाक्य में बदलिए!)
Leaves of the sensitive plant move very quickly in response to ‘touch’. How is this stimulus of touch communicated and explain how the movement takes place?
Read the following sources of loan carefully and choose the correct option related to formal sources of credit:
(i) Commercial Bank
(ii) Landlords
(iii) Government
(iv) Money Lende