Question:

राग यमन का संवादी स्वर क्या है ?

Show Hint

रागों के वादी और संवादी स्वरों को याद करना महत्वपूर्ण है।
  • सा
  • नि
Hide Solution
collegedunia
Verified By Collegedunia

The Correct Option is B

Solution and Explanation

स्पष्टीकरण: राग यमन में वादी स्वर 'नि' होता है और संवादी स्वर 'ग' होता है। - राग यमन कल्याण थाट का प्रमुख राग है, जो आमतौर पर संध्या समय गाया जाता है। यह राग अपनी शांति और मधुरता के लिए प्रसिद्ध है। - इस राग में वादी स्वर 'नि' (निषाद) होता है, जो राग का सबसे महत्वपूर्ण स्वर होता है और राग की संपूर्ण संरचना में इसकी मुख्य भूमिका होती है। 'नि' स्वर के प्रयोग से राग में एक भावनात्मक गहराई और शांति का अनुभव होता है। - संवादी स्वर 'ग' (गांधार) राग यमन में सहायक स्वर के रूप में काम करता है। यह स्वर राग की संतुलित और स्वाभाविक ध्वनि को स्थापित करने में मदद करता है, और इसे नम्रता और गंभीरता का अहसास कराता है। - राग यमन में आरोह और अवरोह दोनों में 'नि' और 'ग' स्वरों का विशेष महत्व है। इन स्वरों का संयोजन राग को एक उच्चतम स्तर की भावनात्मक अभिव्यक्ति और ध्यान की स्थिति प्रदान करता है। इस प्रकार, राग यमन में वादी स्वर 'नि' और संवादी स्वर 'ग' होते हैं, जो इस राग के अद्वितीय और शांति प्रदान करने वाले स्वरूप को दर्शाते हैं।
Was this answer helpful?
0
0