स्पष्टीकरण:
राग केदार का थाट 'कल्याण' है। राग केदार में तीव्र मध्यम का प्रयोग होता है, जो इसे कल्याण थाट से संबंधित करता है। 'कल्याण' थाट के अंतर्गत आने वाले रागों में तीव्र मध्यम का प्रयोग विशेष रूप से किया जाता है, जो राग को एक हल्की, गंभीर और समृद्ध ध्वनि प्रदान करता है।
राग केदार शांत रस प्रधान राग है। इसके स्वर और लय के माध्यम से शांति, स्थिरता, और ध्यान की भावना उत्पन्न होती है। राग केदार का संगीत मन को शांति और संतुलन प्रदान करता है, और यह श्रोता को आत्मनिरीक्षण और मानसिक शांति की ओर मार्गदर्शन करता है।
राग केदार को विशेष रूप से रात्रि के समय गाया जाता है। रात्रि का समय राग केदार के शांत और गहरे भावनात्मक प्रभाव को अधिक प्रभावी रूप से व्यक्त करने के लिए उपयुक्त होता है। रात्रि में इसकी धीमी, गहरी ध्वनियाँ और भावनाएँ श्रोता पर गहरा असर डालती हैं, जिससे राग का संगीत अपनी पूरी गहराई में महसूस होता है।
इस प्रकार, राग केदार एक अद्वितीय राग है जो शांति और ताजगी का अनुभव कराता है, और इसका संगीत रात्रि के वातावरण में और भी अधिक समृद्ध हो जाता है।