Question:

राग काफी का गायन समय क्या है ?

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रागों के गायन समय को याद रखना जरूरी है क्योंकि इससे उनकी भावपूर्ण प्रस्तुति सुनिश्चित होती है। काफी राग का समय प्रातःकाल है।
  • प्रातःकाल
  • दोपहर
  • रात्रि का द्वितीय प्रहर
  • मध्य रात्रि के बाद
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collegedunia
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The Correct Option is A

Solution and Explanation

स्पष्टीकरण: राग काफी का गायन मुख्यतः प्रातःकाल (सुबह) किया जाता है। यह समय राग के भाव और स्वरूप को सबसे अच्छे तरीके से व्यक्त करने के लिए उपयुक्त होता है, क्योंकि प्रातःकाल का समय शांति, ताजगी और गंभीरता से भरपूर होता है। राग काफी भक्ति और गंभीरता से भरपूर होता है। इसके स्वर में एक गहरी भावनात्मकता और समर्पण की भावना होती है, जो श्रोताओं को मानसिक और आध्यात्मिक शांति प्रदान करती है। राग काफी के संगीत में समर्पण, ध्यान, और आस्था के भाव पूरी तरह से प्रकट होते हैं, जो इसे एक प्रभावशाली भक्ति राग बनाता है। राग काफी का गायन प्रातःकाल में, जब वातावरण में शांति और ठंडक होती है, राग की गंभीरता और भक्ति भावना को और भी अधिक गहराई से महसूस कराया जाता है। इस राग का संगीत श्रोताओं के मन को शांति और संतुलन की ओर ले जाता है। इस प्रकार, राग काफी का गायन विशेष रूप से प्रातःकाल में किया जाता है, और यह राग भक्ति और गंभीरता से भरपूर होता है, जिससे श्रोताओं में एक आध्यात्मिक और शांति का अनुभव होता है।
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