Question:

राग भूपाली किस जाति का राग है ?

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भूपाली राग की जाति को समझना जरूरी है — यह सम्पूर्ण (पूर्ण) जाति का राग है, जिसका मतलब आरोह और अवरोह दोनों में समान स्वर संख्या है।
  • सम्पूर्ण
  • षाडव
  • औडव
  • औडव-सम्पूर्ण
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The Correct Option is A

Solution and Explanation

स्पष्टीकरण: राग भूपाली सम्पूर्ण जाति का राग है, जिसमें आरोह और अवरोह दोनों में 5 स्वर होते हैं। यह राग एक सरल, सहज, और अत्यंत लोकप्रिय राग माना जाता है, जो शास्त्रीय संगीत के श्रोताओं के बीच बहुत प्रिय है। राग भूपाली का आरोह और अवरोह दोनों में 5 स्वर होने के कारण इसका स्वरूप संतुलित और सुसंगत होता है। इसका आरोह (चढ़ाव) और अवरोह (उतराव) दोनों ही राग को हल्के, शुद्ध और प्रभावशाली स्वर प्रदान करते हैं, जो इसे एक बहुत ही सरल और आमतौर पर गाया जाने वाला राग बनाता है। राग भूपाली को शास्त्रीय संगीत में एक शांत और सजीव राग माना जाता है, जो श्रोताओं को मानसिक शांति और सौम्यता का अनुभव कराता है। यह राग विशेष रूप से देर शाम या रात्रि के प्रारंभ में गाया जाता है, क्योंकि इसके स्वर रात्रि के वातावरण में अच्छी तरह से घुल मिल जाते हैं। इस प्रकार, राग भूपाली सम्पूर्ण जाति का राग है जिसमें आरोह और अवरोह दोनों में 5 स्वर होते हैं और इसे अपनी सरलता और लोकप्रियता के कारण विशेष रूप से पसंद किया जाता है।
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