'प्रशंसा' शब्द का विलोम शब्द 'निन्दा' है। 'प्रशंसा' का अर्थ है किसी की सराहना करना, जबकि 'निन्दा' का अर्थ है किसी की बुराई करना या आलोचना करना।
विलोम शब्द वे शब्द होते हैं जो एक दूसरे के विपरीत अर्थ को व्यक्त करते हैं। 'प्रशंसा' और 'निन्दा' दो ऐसे विलोम शब्द हैं जो एक ही व्यक्ति या क्रिया के दो विपरीत पक्षों को दर्शाते हैं। 'प्रशंसा' का अर्थ होता है किसी के कार्य या गुण की सराहना करना, जैसे 'उसकी मेहनत की प्रशंसा की गई'। वहीं 'निन्दा' का अर्थ होता है किसी व्यक्ति की आलोचना करना या उसके दोषों को उजागर करना, जैसे 'उसकी निन्दा की गई'। इस प्रकार, 'प्रशंसा' और 'निन्दा' दोनों शब्द परस्पर विरोधी विचारों को व्यक्त करते हैं।