परिच्छेद पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
गद्यांश:
अच्छे मंच संचालक के लिए आवश्यक है - अच्छी तैयारी। वर्तमान समय में संगीत संध्या, बर्थ डे पार्टी या अन्य संध्या कार्यक्रमों के लिए मंच संचालन आवश्यक हो गया है। मैंने भी इस तरह के अनेक कार्यक्रमों में सूत्र संचालन किया है। जिस तरह का कार्यक्रम हो, तैयारी भी उसी के अनुसार करनी होती है। मैं भी प्रायः यह देखता हूँ कि कार्यक्रम का स्वरूप क्या है — सामाजिक, शैक्षणिक, राजनैतिक, कवि सम्मेलन, मुषायरा या सांस्कृतिक कार्यक्रम! फिर उसी रूप में मैं कार्यक्रम का संहिता लेखन करता हूँ। इसके लिए कड़ी साधना व सतत प्रयास आवश्यक है। कार्यक्रम की सफलता सूत्र संचालन के हाथ में होती है। वह दो व्यक्तियों, दो घटनाओं के बीच कड़ी जोड़ने का काम करता है। इसलिए संचालक को चाहिए कि वह संचालन के लिए आवश्यक तत्वों का अध्ययन करे। सूत्र संचालक के लिए कुछ महत्वपूर्ण गुणों का होना आवश्यक है। हँसमुख, हार्दिकभावी, विविध विषयों का ज्ञाता होने के साथ-साथ उसका भाषा पर प्रभुत्व होना आवश्यक है। कभी-कभी किसी कार्यक्रम में ऐन वक्त पर परिवर्तन होने की संभावना रहती है। यहाँ सूत्र संचालन के भाषा प्रभुत्व की परीक्षा होती है। पूर्व निर्धारित अतिथियों का न आना, यदि आ भी जाएँ तो उनकी दिनचर्या के कार्य व्यवस्था का ध्यान रखते हुए कार्यक्रम में संशोधन/सुधार करना पड़ता है। आयोजकों की ओर से अचानक मिली सूचना के अनुसार संहिता में परिवर्तन कर संचालन करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाना ही सूत्र संचालन की विशेषता होती है।
संजाल पूर्ण कीजिए:
सूत्र संचालक के लिए महत्वपूर्ण गुण \[\begin{array}{|c|c|c|c|} \hline हँसमुख & हार्दिकभावी & \text{भाषा पर प्रभुत्व} & \text{विभिन्न विषयों का ज्ञान} \\ \hline \end{array}\]
Step 1: परिच्छेद की व्याख्या.
दिए गए परिच्छेद में अच्छे मंच संचालक के गुणों और जिम्मेदारियों का वर्णन किया गया है। मंच संचालन केवल कार्यक्रम का परिचय देना नहीं, बल्कि उसकी सफलता की कुंजी है। संचालक को तैयारी, आत्मविश्वास और समन्वय का उदाहरण बनना पड़ता है।
Step 2: महत्वपूर्ण गुणों की पहचान.
एक सफल सूत्र संचालक में हँसमुखता, हार्दिकभाव, भाषा पर अच्छा नियंत्रण और विषयों का गहरा ज्ञान होना चाहिए। इससे वह किसी भी स्थिति में सहज रहकर कार्यक्रम को सुचारू रूप से आगे बढ़ा सकता है।
Step 3: निष्कर्ष.
इस प्रकार, मंच संचालन केवल वाणी का प्रयोग नहीं बल्कि तत्परता, समझदारी और रचनात्मकता की परीक्षा है। ये चारों गुण एक सूत्र संचालक को सफल बनाते हैं।
निम्नलिखित विधान 'सत्य' है या 'असत्य' लिखिए:
कार्यक्रम की सफलता वक्ता के हाथ में होती है।
Step 1: कथन की व्याख्या.
दिए गए कथन में कहा गया है कि "कार्यक्रम की सफलता वक्ता के हाथ में होती है।" यह कथन गलत है क्योंकि परिच्छेद के अनुसार, किसी भी कार्यक्रम की सफलता का मुख्य आधार सूत्र संचालक (Anchorman) होता है, न कि वक्ता।
Step 2: तर्क और स्पष्टीकरण.
परिच्छेद में स्पष्ट किया गया है कि मंच संचालन कार्यक्रम की सफलता की कुंजी है। संचालक ही दो घटनाओं को जोड़ने, संवाद बनाए रखने, और वातावरण को नियंत्रित करने का कार्य करता है। यदि संचालक अपनी भूमिका अच्छे से निभाए, तो कार्यक्रम सुचारू रूप से चलता है। इसलिए सफलता वक्ता नहीं, बल्कि संचालक के हाथ में होती है।
Step 3: निष्कर्ष.
अतः यह कथन 'असत्य' है क्योंकि कार्यक्रम की सफलता वक्ता के नहीं, बल्कि संचालक के कौशल और तैयारी पर निर्भर करती है।
निम्नलिखित विधान 'सत्य' है या 'असत्य' लिखिए:
सूत्र संचालक दो व्यक्तियों, दो घटनाओं के बीच कड़ी जोड़ने का काम करता है।
Step 1: कथन की व्याख्या.
परिच्छेद में यह स्पष्ट रूप से बताया गया है कि सूत्र संचालक का कार्य दो व्यक्तियों या दो घटनाओं के बीच संबंध जोड़ना होता है।
Step 2: तर्क.
सूत्र संचालक मंच पर संवाद को सुचारू बनाए रखने के लिए कार्यक्रम की एक कड़ी को दूसरी से जोड़ता है ताकि कार्यक्रम में निरंतरता बनी रहे। इसलिए यह कथन सत्य है।
Step 3: निष्कर्ष.
सूत्र संचालक का मुख्य कार्य ही कार्यक्रम की कड़ियों को जोड़ना है, जिससे पूरा आयोजन व्यवस्थित रूप से संपन्न होता है।
निम्नलिखित विधान 'सत्य' है या 'असत्य' लिखिए:
कार्यक्रम में ऐन वक्त पर परिवर्तन होने की संभावना कभी नहीं रहती।
Step 1: कथन का विश्लेषण.
यह कथन गलत है क्योंकि परिच्छेद में बताया गया है कि कार्यक्रमों में कई बार ऐन समय पर परिवर्तन की संभावना रहती है।
Step 2: स्पष्टीकरण.
कभी-कभी अतिथि समय पर नहीं पहुँचते या कार्यक्रम की रूपरेखा में बदलाव होता है, ऐसे में सूत्र संचालक को तत्काल निर्णय लेकर कार्यक्रम को सुचारू रखना होता है।
Step 3: निष्कर्ष.
इसलिए यह कथन 'असत्य' है क्योंकि मंच संचालन में परिस्थिति अनुसार परिवर्तन की संभावना सदैव बनी रहती है।
निम्नलिखित विधान 'सत्य' है या 'असत्य' लिखिए:
कार्यक्रम को सफल बनाना सूत्र संचालक की विशेषता होती है।
Step 1: कथन की व्याख्या.
परिच्छेद में बताया गया है कि कार्यक्रम की सफलता सूत्र संचालक के हाथ में होती है क्योंकि वह पूरे आयोजन को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत करता है।
Step 2: तर्क.
सूत्र संचालक न केवल वक्ताओं को जोड़ता है बल्कि वातावरण को नियंत्रित कर दर्शकों की रुचि बनाए रखता है। उसकी तत्परता, भाषा और आत्मविश्वास कार्यक्रम की सफलता तय करते हैं।
Step 3: निष्कर्ष.
इसलिए यह कथन 'सत्य' है क्योंकि सफल सूत्र संचालक ही कार्यक्रम को सफल और यादगार बनाता है।
सूत्र संचालन रोजगार का उत्तम साधन है', इस विषय पर अपने विचार 40 से 50 शब्दों में लिखिए।
Step 1: विषय की व्याख्या.
सूत्र संचालन केवल एक कला नहीं, बल्कि एक ऐसा पेशा है जो व्यक्ति को पहचान और सम्मान दोनों प्रदान करता है। यह क्षेत्र निरंतर बढ़ते आयोजनों के कारण रोजगार के अनेक अवसर देता है।
Step 2: विश्लेषण.
आज मीडिया, मंच, समारोह और सामाजिक कार्यक्रमों में दक्ष सूत्र संचालकों की आवश्यकता बढ़ गई है। जिन लोगों के पास बोलने की क्षमता और आत्मविश्वास है, वे इस क्षेत्र में उत्कृष्ट करियर बना सकते हैं।
Step 3: निष्कर्ष.
इस प्रकार, सूत्र संचालन एक रचनात्मक और सम्मानजनक पेशा है जो व्यक्ति को आर्थिक स्थिरता और प्रसिद्धि दोनों प्रदान करता है।
निम्नलिखित का उत्तर लगभग १०० से १२० शब्दों में लिखिए:

(१) संजाल पूर्ण कीजिए:

(२) निम्नलिखित विधान 'सत्य' हैं या 'असत्य' लिखिए:
(१) कार्यक्रम की सफलता वक्ता के हाथ में होती है।
(२) सूत्र संचालक दो व्यक्तियों, दो घटनाओं के बीच कड़ी जोड़ने का काम करता है।
(३) कार्यक्रम में ऐन वक्त पर परिवर्तन होने की संभावना कभी नहीं रहती।
(४) कार्यक्रम को सफल बनाना सूत्र संचालक की विशेषता होती है।
(३) 'सूत्र संचालन रोजगार का उत्तम साधन है', इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए।
निम्नलिखित का उत्तर लगभग १०० से १२० शब्दों में लिखिए:


(१) वाक्य पूर्ण कीजिए:
• (१) मंचीय आयोजन में मंच पर आने वाला पहला व्यक्ति \(\underline{\hspace{0cm}}\).
• (२) मेरे कार्यक्रम का आरंभ \(\underline{\hspace{0cm}}\).
• (३) मैं इस बात का ध्यान रखता हूँ कि कार्यक्रम कोई भी हो \(\underline{\hspace{0cm}}\).
• (४) एंकर (उद्घोषक) का व्यक्तित्व दर्शकों की \(\underline{\hspace{0cm}}\).
(२) निम्नलिखित शब्दों के लिए परिच्छेद में आए हुए प्रत्यययुक्त शब्द लिखिए:
• (१) व्यक्ति :
• (२) सहज :
• (३) सतर्क :
• (४) गरिमा :
(३) 'व्यक्तित्व विकास में भाषा का महत्त्व' इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए।