Question:

निम्नलिखित में से किसी एक का उत्तर ८० से १०० शब्दों में लिखिए: 
(१) फीचर लेखन की विशेषताएँ लिखिए। 
(२) ब्लॉग लेखन में बरती जाने वाली सावधानियों पर प्रकाश डालिए। 
\(\hspace{3cm}\)अथवा
सही विकल्प चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए: 
(१) विपुल पठन, \(\underline{\hspace{1cm}}\) तथा भाषा का समुचित ज्ञान होना आवश्यक है। 
(१) मनन 
(२) लेखन 
(३) चिंतन 
(४) उद्दीपन 
(२) विषय का \(\underline{\hspace{1cm}}\) शीर्षक फीचर की आत्मा है। 
(१) महत्त्वपूर्ण 
(२) औचित्यपूर्ण 
(३) अर्थपूर्ण 
(४) ज्ञानपूर्ण 
(३) किसी भी कार्यक्रम में मंच \(\underline{\hspace{1cm}}\) की बहुत अहम भूमिका होती है। 
(१) नायक 
(२) लेखक 
(३) अभिभावक 
(४) संचालक 
(४) भारत में \(\underline{\hspace{1cm}}\) के बाद 'ब्लॉग लेखन' आरंभ हुआ। 
(१) २००२ 
(२) २००३ 
(३) २००४ 
(४) २००५ 
 

Show Hint

फीचर लेखन में विशेषताएँ संक्षिप्त और स्पष्ट लिखें; विकल्पों में संदर्भ के अनुसार सटीक चयन करें।
Hide Solution
collegedunia
Verified By Collegedunia

Solution and Explanation

(१) फीचर लेखन की विशेषताएँ:
फीचर लेखन पत्रकारिता का रचनात्मक रूप है, जिसमें रोचकता, तथ्यात्मकता और भावनात्मक अपील होती है। यह सूचनात्मक होने के साथ मनोरंजक होता है और पाठक को बांधे रखता है। इसमें जीवंत भाषा, उदाहरण और कहानियों का उपयोग होता है। शीर्षक आकर्षक और विषय प्रासंगिक होता है। फीचर लेख सामाजिक, सांस्कृतिक या व्यक्तिगत मुद्दों पर गहराई से प्रकाश डालते हैं, जो पाठकों को प्रेरित करते हैं। यह निबंध से भिन्न, अधिक स्वतंत्र और लचीला होता है। (८५ शब्द) (सही विकल्प)
(१) विपुल पठन, मनन तथा भाषा का समुचित ज्ञान होना आवश्यक है।
(२) विषय का औचित्यपूर्ण शीर्षक फीचर की आत्मा है।
(३) किसी भी कार्यक्रम में मंच संचालक की बहुत अहम भूमिका होती है।
(४) भारत में २००३ के बाद 'ब्लॉग लेखन' आरंभ हुआ।
(नोट: ब्लॉग लेखन का आरंभ २००३ चुना गया, क्योंकि भारत में ब्लॉगिंग उस समय लोकप्रिय होने लगी थी।)
Was this answer helpful?
0
0

Top Questions on भाषा और लेखन

View More Questions