निम्नलिखित काव्य पंक्तियों को पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
काव्यांश:
यह आम्रवृक्ष की डाल
उनकी विशेष प्रिय थी
तेरे न आने पर
सारी शाम इसपर टिक
उन्होंने बेशी में बार-बार
तेरा नाम भरकर चुहे टेरा था –
आज यह आम की डाल
सदा-सदा के लिए काट दी जाएगी
क्योंकि कृष्ण के सेनापतियों के
वायुभेदीय रथों की
गगनचुंबी भुजाओं में
यह नीची डाल अटकती है
और यह पत्र के किनारे खड़ा
छायादार पावन अशोक वृक्ष
आज खंड-खंड हो जाएगा तो क्या –
यदि ग्रामवासी, सैनिकों के स्वागत में
तोरण नहीं सजाते
तो क्या सारा ग्राम नहीं जला दिया जाएगा?
कारण लिखिए:
(1) आम्रवृक्ष की डाल सदा के लिए काट दी जाएगी – ....................................
(2) छायादार अशोक वृक्ष खंड-खंड हो जाएगा – ....................................
Step 1: काव्यांश की व्याख्या.
यह काव्यांश 'गुरिंदर शेर' की कविता से लिया गया है, जिसमें कवि ने आम आदमी और ग्रामीण जीवन की व्यथा को अभिव्यक्त किया है। कविता में सैनिकों के अत्याचार और सत्ता की निर्ममता का चित्रण है। कवि यह दिखाता है कि कैसे प्राकृतिक सौंदर्य और मानवीय संवेदनाएँ भी सत्ता के आदेशों के आगे नष्ट की जा रही हैं।
Step 2: पहले प्रश्न का विश्लेषण.
"आम्रवृक्ष की डाल सदा के लिए काट दी जाएगी" — इस पंक्ति में यह बताया गया है कि प्रकृति (पेड़ की डाल) सैनिकों के रथों के मार्ग में बाधा बन रही है, इसलिए उसे नष्ट किया जा रहा है। यह प्रतीकात्मक रूप से बताता है कि सत्ता की सुविधा के लिए प्रकृति और मानवता का बलिदान कर दिया जाता है।
Step 3: दूसरे प्रश्न का विश्लेषण.
"छायादार अशोक वृक्ष खंड-खंड हो जाएगा" — इसका अर्थ है कि यदि ग्रामवासी सैनिकों के स्वागत में तोरण नहीं सजाएँगे, तो गाँव और उसकी पहचान (प्रकृति और वृक्षों सहित) को नष्ट कर दिया जाएगा। यह अन्यायपूर्ण सत्ता के अत्याचार का संकेत है।
Step 4: निष्कर्ष.
कवि ने इन पंक्तियों के माध्यम से दिखाया है कि युद्ध और सत्ता की शक्ति के सामने मानवता, सौंदर्य और शांति का विनाश होता है। यह कविता अन्याय, अत्याचार और सत्ता की क्रूरता पर गहरा व्यंग्य करती है।
उचित मिलान कीजिए:
\[\begin{array}{|c|c|} \hline \text{(1) वृक्ष} & \text{टहनी} \\ \hline \text{(2) ग्राम} & \text{गाँव} \\ \hline \text{(3) पथ} & \text{राह} \\ \hline \text{(4) डाल} & \text{पेड़} \\ \hline \end{array}\]
Step 1: प्रश्न की समझ.
इस प्रश्न में शब्दों का उचित अर्थ या समानार्थक मिलान करना है। हर शब्द का दूसरा भाग उसके समानार्थक या संबंधित अर्थ को दर्शाता है।
Step 2: विश्लेषण.
- वृक्ष का समानार्थी शब्द 'पेड़' है।
- ग्राम का समानार्थी शब्द 'गाँव' है।
- पथ का समानार्थी शब्द 'राह' है।
- डाल का समानार्थी शब्द 'टहनी' है।
Step 3: निष्कर्ष.
अतः सही मिलान इस प्रकार होगा —
(1) वृक्ष – पेड़, (2) ग्राम – गाँव, (3) पथ – राह, (4) डाल – टहनी।
युद्ध के दुष्परिणाम' इस विषय पर अपने विचार 40 से 50 शब्दों में लिखिए।
Step 1: विषय की व्याख्या.
'युद्ध के दुष्परिणाम' का अर्थ है — युद्ध से उत्पन्न हानियाँ और बुरे प्रभाव। युद्ध किसी भी राष्ट्र या समाज के विकास में बाधा उत्पन्न करता है।
Step 2: प्रभाव का विश्लेषण.
युद्ध से देश की आर्थिक स्थिति कमजोर होती है, मानव जीवन की हानि होती है, और पर्यावरण का संतुलन बिगड़ता है। इसके साथ ही लोगों में भय, असुरक्षा और असंतोष की भावना फैलती है।
Step 3: निष्कर्ष.
इसलिए युद्ध से कोई समाधान नहीं निकलता। शांति, आपसी समझ और सहयोग ही स्थायी विकास का मार्ग है।