"लेवत मुख में घास मृग, मोर तजत नृत जात। आँसू गिरियत जर लता, परि-परि पात ।।" उक्त पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है?
यह पंक्तियाँ यमक अलंकार का उदाहरण हैं। यमक अलंकार तब होता है जब एक ही शब्द का दो अलग-अलग अर्थों में प्रयोग किया जाता है, और यह एक साथ वाक्य में उपस्थित होता है। 'पात' शब्द का एक अर्थ 'पत्तियाँ' से लिया गया है और दूसरा अर्थ 'पतन' से। इस प्रकार 'पात' का दो अर्थों में प्रयोग होने के कारण यह यमक अलंकार है।
अलंकार ?
सोहत ओढ़े पीत पट, स्याम सलोने गात।
मनहु नीले मणि सैल पर, आतप परयौ प्रभात।।
निम्नलिखितेषु कः अर्थालङ्कारः नास्ति ?
"श्लिष्टैः पदैरनेकार्थाभिधाने_____ इष्यते ।" इत्यत्र रिक्तस्थानं पूरयत ।
"कः कस्य पुरुषो बन्धुः किमाप्यं कस्य केनचित् एको हि जायते जन्तुरेकरेव विनश्यति ।" - इत्यत्र कः अलङ्कारः ?
उपमालङ्कारस्य लक्षणम् एतत् क्रमेण व्यवस्थापयत ।
(A) उपमा
(B) वाक्यैक्य
(C) साम्यम्
(D) द्वयोः
(E) वाच्यमवैधर्म्यम्
अधोलिखितेषु विकल्पेषु उचिततमम् उत्तरं चिनुत-
Rearrange the following parts to form a meaningful and grammatically correct sentence:
P. a healthy diet and regular exercise
Q. are important habits
R. that help maintain good physical and mental health
S. especially in today's busy world