Question:

किस राग के आरोह में ऋषभ और धैवत वर्जित हैं ?

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रागों के आरोह-अवरोह में प्रयुक्त और वर्जित स्वरों को जानना जरूरी है। भैरव में Re और Dha नहीं होते।
  • भैरव
  • भीमपलासी
  • यमन
  • देश
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The Correct Option is A

Solution and Explanation

स्पष्टीकरण: राग भैरव के आरोह (चढ़ाव) में ऋषभ (Re) और धैवत (Dha) स्वर वर्जित होते हैं, जो इसे एक विशिष्ट राग बनाते हैं। इस राग का आरोह सप्तक के सभी स्वरों से अलग होता है, और इस विशेषता के कारण राग का स्वरूप अत्यंत गंभीर और प्रभावशाली होता है। राग भैरव में, आरोह के दौरान ऋषभ और धैवत का प्रयोग नहीं होता, जबकि अवरोह (उतराव) में ये स्वरों का प्रयोग सामान्य रूप से किया जाता है। इस प्रकार की स्वर-व्यवस्था राग भैरव को उसके अन्य समकक्ष रागों से अलग करती है और उसे एक गहरे और भक्ति भाव से युक्त राग के रूप में प्रस्तुत करती है। राग भैरव का गान मुख्यतः प्रातःकाल के समय किया जाता है, और इसके स्वर शांति, गंभीरता और भक्तिपूर्ण भावना का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस राग की यह विशेष स्वर-रचना इसे भारतीय शास्त्रीय संगीत में एक प्रमुख स्थान दिलाती है। इस प्रकार, राग भैरव के आरोह में ऋषभ (Re) और धैवत (Dha) स्वर वर्जित होते हैं, जो इसे एक विशिष्ट राग बनाते हैं और इसके गायन में विशेष भावनात्मक प्रभाव उत्पन्न करते हैं।
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