'जड़' शब्द का विलोम 'चेतन' है। 'जड़' का अर्थ होता है निर्जीव, और 'चेतन' का अर्थ होता है जीवन से युक्त या जीवित।
'जड़' शब्द का प्रयोग उन वस्तुओं या पदार्थों के लिए किया जाता है जिनमें जीवन या चेतना का अभाव होता है, जैसे पत्थर, मिट्टी आदि। यह शारीरिक और मानसिक गतिहीनता को भी दर्शा सकता है। इसके विपरीत, 'चेतन' वह होता है जिसमें जीवन शक्ति, ज्ञान और अनुभूति होती है। चेतन वस्तुएं सोच, महसूस और प्रतिक्रिया कर सकती हैं। हिंदी साहित्य और दर्शन में यह दोनों शब्द जीवन और निर्जीवता के मूलभूत भेद को समझाने के लिए उपयोग किए जाते हैं, जो प्रकृति और अस्तित्व की गहरी समझ प्रदान करते हैं।