हिन्दी में पदबंध के पाँच भेद होते हैं: (1) संगति, (2) समास, (3) विशेषण, (4) समुच्चय, (5) विकल्प। ये सभी पदबंध के भेद भाषा में अर्थपूर्ण संबंध बनाने में मदद करते हैं।
पदबंध का अर्थ है शब्दों का ऐसा समूह जो एक साथ मिलकर किसी विशेष अर्थ को प्रकट करता है।
1. संगति – इसमें शब्दों के बीच सामंजस्य और संबंध होता है, जो वाक्य की सुंदरता बढ़ाता है।
2. समास – दो या अधिक शब्दों का मिलकर नया शब्द बनाना, जैसे 'राजपुत्र', 'धूपछाँव'।
3. विशेषण – यह पदबंध किसी संज्ञा या सर्वनाम के गुण, मात्रा या स्थिति को बताता है, जैसे 'लाल फूल', 'सुंदर लड़का'।
4. समुच्चय – यह पदबंध विभिन्न शब्दों या पदों का समूह होता है, जो एक साथ प्रयुक्त होते हैं, जैसे 'फल और सब्जी', 'दिन और रात'।
5. विकल्प – इसमें एक शब्द के स्थान पर दूसरा शब्द लिया जाता है, जिससे अर्थ स्पष्ट होता है, जैसे 'सूर्य = भानु'।
ये भेद भाषा के विविध रूपों को समझने और सही वाक्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पदबंध के माध्यम से हम अपने विचारों को स्पष्ट और प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त कर सकते हैं।