चरण 1: ऐतिहासिक तथ्य।
सन 1929 में स्वामी सहजानन्द सरस्वती ने पटना/बिहार क्षेत्र में बिहार प्रांतीय किसान सभा (Bihar Provincial Kisan Sabha) की स्थापना की। इसका उद्देश्य जमींदारी-जुल्म, बेगार, लगान-बढ़ौती और बँटाई जैसे शोषण के विरुद्ध किसानों को संगठित करना था।
चरण 2: व्यापक प्रभाव।
यही मंच आगे चलकर अखिल भारतीय स्तर पर All India Kisan Sabha (1936) के निर्माण का आधार बना, जिसके प्रमुख नेताओं में सहजानन्द के साथ एन.जी.रंगा, EMS, इत्यादि शामिल रहे। बिहार में किसान राजनीति के संगठनात्मक ढाँचे की नींव सहजानन्द ने ही डाली।
चरण 3: अन्य विकल्प क्यों नहीं।
राजेन्द्र प्रसाद राष्ट्रीय नेतृत्व/किसान मुद्दों से जुड़े थे पर संस्थापक नहीं; राजकुमार शुक्ल चंपारण सत्याग्रह से प्रसिद्ध; जयप्रकाश नारायण समाजवादी आन्दोलन के नेता। अतः सही उत्तर सहजानन्द सरस्वती है।