यह एक संयुक्त वाक्य है क्योंकि इसमें दो स्वतंत्र उपवाक्य हैं, 'बादल घिरे' और 'मयूर नाचने लगे', जिन्हें 'और' से जोड़ा गया है। दोनों उपवाक्य स्वतंत्र रूप से सही हैं और आपस में मिलकर संयुक्त वाक्य बनाते हैं।
'बादल घिरे' एक पूर्ण उपवाक्य है, जिसमें कर्ता (बादल) और क्रिया (घिरे) स्पष्ट रूप से मौजूद हैं। इसी प्रकार, 'मयूर नाचने लगे' भी एक पूर्ण उपवाक्य है, जिसमें कर्ता (मयूर) और क्रिया (नाचने लगे) स्पष्ट हैं। ये दोनों उपवाक्य अपने-अपने अर्थ में पूर्ण हैं और अकेले भी वाक्य की तरह प्रयोग किए जा सकते हैं।
इन दोनों उपवाक्यों को 'और' संयोजक शब्द द्वारा जोड़ा गया है, जो समान प्रकार के उपवाक्यों को जोड़ने का कार्य करता है। इसी कारण यह वाक्य संयुक्त वाक्य कहलाता है। संयुक्त वाक्य की विशेषता यही होती है कि इसमें दो या दो से अधिक स्वतंत्र उपवाक्य होते हैं जो संयोजक शब्दों द्वारा जुड़े होते हैं।
अतः 'बादल घिरे और मयूर नाचने लगे' वाक्य व्याकरण की दृष्टि से एक स्पष्ट उदाहरण है संयुक्त वाक्य का, जिसमें प्रत्येक उपवाक्य स्वतंत्र रूप से अर्थपूर्ण है और संयोजक शब्द 'और' द्वारा जुड़कर एक पूर्ण वाक्य का निर्माण करता है।